NEP 2020 के अंतर्गत विद्यालयी शिक्षा में दक्षता आधारित मूल्यांकन की प्रभावशीलता
DOI:
https://doi.org/10.63345/Keywords:
दक्षता आधारित मूल्यांकन, विद्यालयी शिक्षा, अधिगम परिणाम, संकल्पनात्मक समझ, प्रतिपुष्टि, ज्ञान हस्तांतरणAbstract
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने विद्यालयी मूल्यांकन को स्मृति-केंद्रित परीक्षा से हटाकर समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, समस्या-समाधान और व्यावहारिक दक्षताओं के आकलन की दिशा में परिवर्तित करने पर बल दिया है। प्रस्तुत अध्ययन विद्यालयी स्तर पर दक्षता आधारित मूल्यांकन की प्रभावशीलता को विद्यार्थी की वास्तविक अधिगम क्षमता और ज्ञान के नवीन परिस्थितियों में उपयोग की योग्यता के संदर्भ में समझने का प्रयास करता है। अध्ययन का प्रमुख आधार यह है कि केवल प्राप्तांक में परिवर्तन दक्षता आधारित मूल्यांकन की सफलता का पर्याप्त संकेतक नहीं माना जा सकता।
इसलिए मूल्यांकन प्रभावशीलता को संकल्पनात्मक समझ, अनुप्रयोग क्षमता, तर्कपूर्ण उत्तर निर्माण, स्वमूल्यांकन तथा प्रतिपुष्टि के बाद सुधार जैसे परस्पर संबंधित आयामों के माध्यम से परखने की संकल्पना प्रस्तुत की गई है। अध्ययन विशेष रूप से इस प्रश्न पर केंद्रित है कि क्या दक्षता आधारित प्रश्न विद्यार्थियों को ज्ञात ज्ञान को अपरिचित परिस्थितियों में स्थानांतरित करने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही शिक्षक द्वारा दिए गए सुधारात्मक संकेत, विद्यार्थी की त्रुटि पहचान तथा पुनःप्रयास के बीच संबंध को मूल्यांकन की विकासात्मक उपयोगिता के रूप में देखा गया है। प्रस्तावित शोध दृष्टिकोण पारंपरिक अंक-केंद्रित तुलना के स्थान पर अधिगम की गहराई, उत्तर की तर्कसंगतता तथा निरंतर सुधार को प्रभावशीलता के प्रमुख संकेतकों के रूप में स्थापित करता है। अध्ययन से प्राप्त निष्कर्ष विद्यालयों में मूल्यांकन को केवल उपलब्धि मापन की प्रक्रिया न मानकर शिक्षण सुधार, व्यक्तिगत अधिगम सहायता और दीर्घकालिक दक्षता विकास के साधन के रूप में व्यवस्थित करने में उपयोगी हो सकते हैं।









